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हिमांशु सिंह हत्याकांड: एनकाउंटर के डर से मुख्य आरोपी राहुल दुबे ने थाने में किया सरेंडर, हत्या में इस्तेमाल चापड़ बरामद

चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल राहुल दुबे ने आखिरकार पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेक दिए। शुक्रवार को उसने नाटकीय अंदाज में बिष्टुपुर थाना पहुंचकर दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर रही थी।

जानकारी के अनुसार, राहुल दुबे शुक्रवार दोपहर अचानक बिष्टुपुर थाना परिसर पहुंचा और “सरेंडर-सरेंडर” कहते हुए खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसके अदालत में आत्मसमर्पण करने की संभावना को देखते हुए कोर्ट परिसर में तैनात थीं, लेकिन उसने सीधे थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर सभी को चौंका दिया।

पुलिस दबाव और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई का असर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लगातार हो रही छापेमारी, कुर्की-जब्ती की तैयारी और संभावित पुलिस कार्रवाई के डर से राहुल दुबे ने आत्मसमर्पण का फैसला लिया। पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में थी और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में अभियान चला रही थी।

हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद

सरेंडर के बाद पुलिस ने राहुल दुबे से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार चापड़ भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के संबंध में उससे पूछताछ कर रही है।

डांस फ्लोर विवाद से शुरू हुई थी खूनी वारदात

हिमांशु सिंह की हत्या बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार (DD Bar) में हुई थी। बताया जाता है कि डांस फ्लोर पर गाना बजाने और पैसे उड़ाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि हमलावरों ने सुरक्षा के लिए पुलिस वाहन में बैठाए गए हिमांशु सिंह को जबरन बाहर निकाला और चापड़ व चाकुओं से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

12 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में बार संचालक नीरज सिंह और मुख्य साजिशकर्ता विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा समेत अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विश्वनाथ मंडल पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

सोनारी निवासी राहुल दुबे का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट सहित तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर हत्या की साजिश और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

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