जामताड़ा जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और अपराध नियंत्रण में कथित शिथिलता को पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने गंभीरता से लेते हुए बड़ी विभागीय कार्रवाई की है। एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में जामताड़ा थाना प्रभारी सहित कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिले में हाल के दिनों में हुई कई गंभीर आपराधिक घटनाओं के बाद की गई है, जिससे पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे थे।
अपराध नियंत्रण में विफलता पर थाना प्रभारी निलंबित
जामताड़ा थाना क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने और कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने के आरोप में जामताड़ा थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसपी राजकुमार मेहता ने कहा कि थाना क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक वारदातें पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि पुलिस तंत्र में अनुशासन, कार्यकुशलता और जनविश्वास बना रहे। एसपी ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भी यदि लापरवाही सामने आती है तो और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मिहिजाम चोरी कांड में रात्रि गश्ती दल पर गिरी गाज
इसी क्रम में 25/26 दिसंबर 2025 की रात मिहिजाम थाना क्षेत्र स्थित शिर्डी ज्वेलरी दुकान में हुई बड़ी चोरी की घटना को भी पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जांच में सामने आया कि रात्रि गश्ती के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई।
इस मामले में मिहिजाम थाना के एएसआई अजय कुमार, आरक्षी परमेश्वर मंडल (आ०/567), आरक्षी मनबोध कुमार सिंह (आ०/206) तथा टाइगर मोबाइल टीम के आरक्षी निशांत चक्रवर्ती और आरक्षी प्रदीप दास को निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी ने साफ कहा कि गश्ती में लापरवाही सीधे जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
बालाजी ज्वेलर्स डकैती के बाद बढ़ा प्रशासनिक दबाव
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब 24 दिसंबर 2025 की शाम जामताड़ा शहर के प्रतिष्ठित बालाजी ज्वेलर्स में चार नकाबपोश अपराधियों ने बंदूक की नोक पर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दिया था। इस दौरान दुकान मालिक अमन बर्मन को गोली मारकर अपराधी फरार हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले के खुलासे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब तक न तो अपराधियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही लूट का खुलासा। घायल अमन बर्मन का इलाज दुर्गापुर स्थित मिशन अस्पताल में चल रहा है, जहां 28 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी उनसे मिलने पहुंचे थे।
बालाजी ज्वेलर्स डकैती के महज 36 घंटे के भीतर मिहिजाम में चोरी की घटना सामने आने से पुलिस प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया, जिसके बाद एसपी ने यह कड़ा कदम उठाया।
पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश
विशेषज्ञों के अनुसार, एसपी की यह कार्रवाई जिले के पुलिस महकमे के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब जवाबदेही तय होगी और अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में पुलिस गश्ती और जांच व्यवस्था को और सख्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जामताड़ा में हुई यह बड़ी विभागीय कार्रवाई बताती है कि पुलिस प्रशासन अब अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर है। थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों का निलंबन न सिर्फ चेतावनी है, बल्कि यह संकेत भी है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

