झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। जानकारी के अनुसार, कुल 60 लाख रुपये के इनामी 16 नक्सली जल्द ही आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इनमें रीजनल कमांडर स्तर के बड़े पदाधिकारी और कई सक्रिय कैडर शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण नक्सलियों का प्रभाव अब सारंडा जंगल के कुछ हिस्सों तक ही सीमित रह गया है। लगातार चल रहे ऑपरेशन और खुफिया कार्रवाई के चलते संगठन कमजोर हुआ है, जिसके बाद कई नक्सली मुख्यधारा में लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
राज्य सरकार की ‘नई दिशा’ पुनर्वास नीति भी आत्मसमर्पण के लिए नक्सलियों को प्रेरित कर रही है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को पुनर्वास, आर्थिक सहायता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर दिया जाता है।
प्रमुख बातें
60 लाख रुपये के इनामी 16 नक्सली जल्द कर सकते हैं आत्मसमर्पण।
सरेंडर करने वालों में रीजनल कमांडर स्तर के बड़े नक्सली भी शामिल।
सुरक्षा बलों के अभियान से नक्सलियों का प्रभाव सारंडा के सीमित क्षेत्रों तक सिमटा।
राज्य सरकार की ‘नई दिशा’ पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर।
इसे झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।