झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार, 6 अगस्त से शुरू हो गया। पहले दिन दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति (बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें सत्र की कार्यवाही और विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए समय निर्धारण किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। बैठक में सहमति बनी कि यदि राज्य के महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अधिक चर्चा की आवश्यकता होगी तो सदन की कार्यवाही का समय एक से दो घंटे तक बढ़ाया जा सकता है।
समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए शुक्रवार, 7 अगस्त को दो घंटे का समय निर्धारित किया है। इसी दिन सदन में अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
यह मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल पांच कार्य दिवस होंगे। 7 अगस्त को प्रश्नकाल और अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जबकि 10 अगस्त को बजट पर चर्चा और मतदान होगा। 11 अगस्त को सरकारी विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर चर्चा होगी तथा 12 अगस्त को गैर-सरकारी संकल्प और अन्य विधायी कार्यों के साथ सत्र का समापन होगा।
इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, राज्य की कानून-व्यवस्था और सूखे जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्ता पक्ष भी केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों, NEET पेपर लीक, छात्रवृत्ति और जल जीवन मिशन के फंड जैसे विषयों को लेकर विपक्ष पर पलटवार करने की रणनीति बना रहा है।