झारखंड सरकार ने तमिलनाडु के वेल्लोर में झारखंड भवन बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. सरकार को वेल्लोर में भवन निर्माण के लिए 1.25 एकड़ जमीन मिल गयी है. अब जरूरी क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. झारखंड भवन बनने से बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर जाने वाले राज्य के मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने की सुविधा मिल सकेगी. इससे खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
वेल्लोर में इलाज कराने वाले मरीजों को मिलेगी सुविधा
तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है. झारखंड से बड़ी संख्या में मरीज गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं. इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को कई दिनों या महीनों तक वेल्लोर में रुकना पड़ सकता है. ऐसे में रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है.
फिलहाल मरीजों के परिजनों को निजी होटल, लॉज या अन्य आवासीय विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है. लंबे समय तक ठहरने के कारण आवास पर काफी खर्च होता है, जिससे इलाज करा रहे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है. झारखंड भवन बनने से उन्हें अपेक्षाकृत कम खर्च में ठहरने का विकल्प मिल सकेगा. इससे परिजनों को रहने की चिंता कम होगी और वे मरीज के इलाज तथा देखभाल पर अधिक ध्यान दे सकेंगे.
मुंबई के वाशी में 136 करोड़ से बनेगा झारखंड भवन
दिल्ली में झारखंड भवन के निर्माण के बाद राज्य सरकार मुंबई में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त झारखंड भवन बनाने की तैयारी कर रही है. नवी मुंबई के वाशी इलाके में इसके निर्माण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. इस परियोजना पर करीब 136 करोड़ रुपये खर्च किये जाने की योजना है.
सरकार को वाशी के सेक्टर 30ए में प्लॉट नंबर 2सी पर 63.65 डिसमिल जमीन मिली है. भवन निर्माण से संबंधित जरूरी क्लीयरेंस की प्रक्रिया चल रही है. सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद यहां भी निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. मुंबई में बनने वाला यह भवन राज्य के उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें इलाज, सरकारी काम या अन्य जरूरी कार्यों के सिलसिले में वहां जाना पड़ता है.
हैदराबाद में भी जमीन की तलाश
झारखंड सरकार हैदराबाद में भी झारखंड भवन बनाने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी से इस संबंध में बातचीत की है. उन्होंने झारखंड सरकार को जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.
राज्य सरकार हैदराबाद के गाचीबावली स्थित एआइजी हॉस्पिटल के आसपास एक से डेढ़ एकड़ जमीन तलाश रही है. झारखंड से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए एआइजी हॉस्पिटल पहुंचते हैं. इसके अलावा हैदराबाद के आइटी सेक्टर और अन्य क्षेत्रों में भी झारखंड के कई युवा काम करते हैं. ऐसे में वहां झारखंड भवन बनने से मरीजों, उनके परिजनों और दूसरे जरूरतमंद लोगों को सुविधा मिल सकती है.
वेल्लोर, मुंबई और हैदराबाद में झारखंड भवन बनाने की पहल का उद्देश्य राज्य से बाहर जाने वाले लोगों को ठहरने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है. वेल्लोर में जमीन मिलने के बाद अब लोगों को निर्माण कार्य शुरू होने और भवन के तैयार होने का इंतजार रहेगा.

