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झारखंड भर्ती घोटाले पर संसद में भाजपा का विरोध, CBI जांच की मांग को लेकर सांसदों का मौन प्रदर्शन

झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने संसद परिसर में केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। संसद के मानसून सत्र के दौरान झारखंड के भाजपा सांसदों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन उपवास और प्रदर्शन कर JPSC, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित घोटालों की CBI जांच की मांग की।

भर्ती घोटालों की CBI जांच की मांग

भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि राज्य की भर्ती परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर धांधली हुई है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। सांसदों ने JPSC, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की निष्पक्ष जांच के लिए मामले को CBI को सौंपने की मांग की।

कई वरिष्ठ नेताओं ने लिया हिस्सा

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद संजय सेठ सहित पार्टी के कई सांसद प्रदर्शन में शामिल हुए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भर्ती घोटालों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका आरोप है कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती और ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अन्य राज्यों में छात्रों के मुद्दों पर मुखर रहती है, लेकिन झारखंड के भर्ती घोटालों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कांग्रेस से युवाओं के हित में सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाने की अपील की।

युवाओं के भविष्य का मुद्दा

भाजपा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और उत्पाद सिपाही भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान हुई अभ्यर्थियों की मौतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पार्टी का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से ही युवाओं का भरोसा बहाल किया जा सकता है।

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