किराया चुकाना पड़ सकता है। राज्य के निजी बस ऑपरेटरों ने लंबी दूरी और अंतरराज्यीय रूटों पर बस किराए में 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव परिवहन सचिव को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
बस मालिकों का कहना है कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, टायर-बैटरी और अन्य स्पेयर पार्ट्स की महंगाई के कारण बस संचालन की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में वर्तमान किराये पर बसों का संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है।
4 जून को होगी अहम बैठक
किराया वृद्धि को लेकर बस मालिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक 4 जून को प्रस्तावित है। इस बैठक में अंतिम रणनीति और आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद परिवहन विभाग की मंजूरी मिलने पर नई दरें लागू की जा सकती हैं।
लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा ज्यादा असर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किराया वृद्धि का असर मुख्य रूप से लंबी दूरी और अंतरराज्यीय रूटों पर देखने को मिलेगा। वहीं, छोटी दूरी की लोकल बस सेवाओं के किराये में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है।
क्यों बढ़ाना चाहते हैं किराया?
बस ऑपरेटरों ने किराया वृद्धि के पीछे कई कारण बताए हैं:
डीजल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंचना।
टायर, बैटरी, मोबिल और स्पेयर पार्ट्स के दाम में लगातार बढ़ोतरी।
विभिन्न रूटों पर बढ़ा हुआ टोल टैक्स।
वाहन रखरखाव और संचालन लागत में इजाफा।
इन रूटों पर बढ़ सकता है किराया
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रमुख रूटों पर किराये में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
रांची–पटना: वर्तमान किराया लगभग ₹500 से बढ़कर ₹600 तक पहुंच सकता है।
रांची–कोलकाता: यात्रियों को ₹80 से ₹100 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
जमशेदपुर, लोहर्दगा, चतरा और सिमडेगा जैसे रूट: टिकट दरों में ₹30 से ₹50 तक की वृद्धि संभव है।
कोडरमा में पहले ही बढ़ चुका है किराया
कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 1 जून से कुछ रूटों पर किराया बढ़ा दिया है। नई व्यवस्था के तहत एसी बसों में ₹50 और नॉन-एसी बसों में ₹30 तक की वृद्धि लागू की गई है।
परिवहन विभाग की मंजूरी का इंतजार
फिलहाल यह प्रस्ताव परिवहन विभाग के पास विचाराधीन है। विभाग की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरे राज्य में नई किराया दरें लागू होंगी।

