झारखंड में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। रांची जिले के कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रांची जिले का आधिकारिक न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
राज्य के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जिससे सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। खुले आसमान और ठंडी हवाओं के कारण रात में तेजी से तापमान गिर रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
18 से 20 दिसंबर तक शीत लहर का असर, कोहरे से यातायात प्रभावित
मौसम विज्ञान केंद्र ने 18 दिसंबर से झारखंड के कई जिलों में शीत लहर चलने की चेतावनी जारी की है। गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग और लातेहार जिलों में शीत लहर का अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, हजारीबाग और लातेहार जिलों में 20 दिसंबर तक ठंड का प्रकोप बना रह सकता है।
इस दौरान रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से ठंड का दायरा और बढ़ेगा, जिससे मैदानी और पठारी इलाकों में कंपकंपी जैसी स्थिति बनी रहेगी।
पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दिन के समय मौसम शुष्क रहेगा, जबकि सुबह और शाम के समय घना कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान की बात करें तो चाईबासा में 28 डिग्री सेल्सियस और रांची में 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड और कोहरे का असर यातायात पर भी दिखने लगा है। रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर घने कोहरे के कारण कई उड़ानें प्रभावित रहीं। कोलकाता जाने वाली तीन उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि बेंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद की उड़ानें दो से तीन घंटे देरी से संचालित हुईं।
मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने, बुजुर्गों और बच्चों की विशेष देखभाल करने तथा सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।