झारखंड की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्र ने शुक्रवार को प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
AI कैमरों और ड्रोन से होगी निगरानी
डीजीपी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस वर्ष पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों और ड्रोन के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
14 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मी होंगे तैनात
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 14 हजार अतिरिक्त पुलिस जवान, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर सादे लिबास में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहेंगे।
भीड़ और यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रूट डायवर्जन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सुरक्षित कतार व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जाए, ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
श्रद्धालुओं के साथ सेवाभाव से पेश आने के निर्देश
तदाशा मिश्र ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ मानवीय और सेवाभावपूर्ण व्यवहार करने के निर्देश दिए।
डीजीपी का हुआ सम्मान
बासुकीनाथ मंदिर परिसर में संताल परगना के डीआईजी अंबर लकड़ा, दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा ने डीजीपी तदाशा मिश्र को बाबा बासुकीनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण और सुरक्षित श्रावणी मेला आयोजित करने का भरोसा भी जताया।

