झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में दो मंत्रियों के निधन के बाद मंत्रिमंडल में दो पद खाली हो गए हैं। पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और हाल ही में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद अब राज्य में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
रामदास सोरेन का अगस्त 2025 में निधन हुआ था। इसके बाद 6 सितंबर 2026 को गिरिडीह सदर से विधायक और हेमंत सरकार में मंत्री रहे सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन हो गया। सोनू के पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति और खेलकूद एवं युवा मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी।
दो पद खाली, विस्तार की अटकलें तेज
दो मंत्रियों के निधन के बाद झारखंड मंत्रिपरिषद में दो पद रिक्त हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इन पदों को भरने पर फैसला कर सकती है। खास तौर पर सुदिव्य सोनू के पास रहे कई महत्वपूर्ण विभागों को देखते हुए पूर्णकालिक मंत्री की नियुक्ति की जरूरत महसूस की जा रही है।
सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा
कैबिनेट विस्तार की संभावित तस्वीर में सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा का नाम भी चर्चा में है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि सरकार उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है।
इसके पीछे हेमंत सोरेन सरकार की पिछली राजनीतिक रणनीति को आधार माना जा रहा है। वर्ष 2019 के कार्यकाल में मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे हफीजुल हसन को मंत्री बनाया गया था। इसी तरह पूर्व शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली थी।
गिरिडीह सीट पर उपचुनाव भी अहम
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा सीट से विधायक थे। उनके निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव होना तय है। ऐसे में श्वेता शर्मा को मंत्री बनाए जाने की चर्चा को आगामी उपचुनाव की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी तक कैबिनेट विस्तार को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गठबंधन के स्तर पर होने वाली राजनीतिक चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।
जेएमएम कोटे में ही दो पद खाली
झारखंड की मौजूदा गठबंधन सरकार में मंत्रियों का बंटवारा पहले से तय है। सुदिव्य कुमार सोनू और रामदास सोरेन दोनों ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक और मंत्री थे। इसलिए खाली हुए दोनों पदों पर जेएमएम कोटे से ही नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।