झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुपालन को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को 20 नवंबर तक सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित टेंडर का तकनीकी बीड फाइनल करने को कहा है। साथ ही अगली सुनवाई के दौरान इस संबंध में प्रगति रिपोर्ट भी पेश करने का निर्देश दिया है।

चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुना। सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय ने कोर्ट को बताया कि राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित टेंडर का तकनीकी बीड तीन नवंबर को खोला गया है। फिलहाल इसका अध्ययन और मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जायेगी।

सुनवाई दौरान खंडपीठ ने तरुण महतो की पुलिस कस्टडी में पिटाई से संबंधित जेल सुपरिटेंडेंट की रिपोर्ट को भी शपथ पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सरकार की ओर से उक्त रिपोर्ट कोर्ट में दिखाई गयी, जिसके बाद कोर्ट ने उसे रिकॉर्ड पर लाने को कहा। मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रितेश कुमार महतो ने पक्ष रखा।

उल्लेखनीय है कि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रह चुके तरुण महतो को ईचागढ़ पुलिस 19 नवंबर 2025 की रात उठाकर थाने ले गयी थी। आरोप है कि वहां पुलिस ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। इस घटना को लेकर पीड़ित की पत्नी ने झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था। पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका दर्ज की थी।

अब इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर तकनीकी बीड फाइनल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को निर्धारित की गयी है।