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झारखंड सरकार की नई पहल, 25 हजार अति-गरीब परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

झारखंड सरकार ने राज्य के अति-गरीब परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए बड़ी पहल करते हुए ‘झारखंड समावेशी आजीविका योजना’ (JH-SAY) की शुरुआत की है। इस योजना के जरिए शुरुआती चरण में राज्य के 25 हजार अति-गरीब परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रामीण विकास मंत्री Deepika Pandey Singh ने इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार समाज के सबसे कमजोर और पिछड़े परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है।

पहले चरण में 16 हजार परिवार होंगे शामिल

सरकार के अनुसार योजना के पहले चरण में 16 हजार अति-गरीब परिवारों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद अगले चरण में 9 हजार और परिवारों को शामिल किया जाएगा। इस तरह कुल 25 हजार परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।

योजना के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार ने 44 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। यह राशि पूर्वी सिंहभूम, पलामू, गोड्डा, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां समेत छह जिलों में वितरित की जा रही है।

महिलाओं को मिलेगा रोजगार का सहारा

यह योजना झारखंड के सफल ‘UPAJ मॉडल’ पर आधारित है। इसके तहत चयनित परिवारों की महिलाओं को आजीविका शुरू करने के लिए लगभग 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता किश्तों में दी जाएगी।

इस राशि का उपयोग पशुपालन, खेती, सिलाई, छोटी दुकान या अन्य स्वरोजगार शुरू करने में किया जा सकेगा, ताकि परिवारों की नियमित आय सुनिश्चित हो सके।

JSLPS और The/Nudge Institute का सहयोग

योजना के संचालन में Jharkhand State Livelihood Promotion Society और The/Nudge Institute की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गरीब परिवार आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

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