रविवार को आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET Exam 2026) के दौरान बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-9 स्थित सरदार पटेल पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर गंभीर अव्यवस्था देखने को मिली। निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने के कारण परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी, जिससे सैकड़ों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस केंद्र पर कुल 729 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। सभी अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश तो दे दिया गया, लेकिन न तो बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज हो सकी और न ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। अभ्यर्थी घंटों तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो उनका आक्रोश बढ़ गया।
करीब 12:30 बजे अभ्यर्थियों को बिना परीक्षा कराए ही केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद नाराज परीक्षार्थियों ने केंद्र के बाहर हंगामा किया और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कई अभ्यर्थी देवघर, दुमका और गोड्डा जैसे दूरदराज जिलों से परीक्षा देने पहुंचे थे, जिससे उनकी नाराजगी और अधिक बढ़ गई। अभ्यर्थियों ने परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त अजय नाथ झा मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी रही।
इस परीक्षा के लिए बोकारो जिले में कुल 51 केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 22,404 अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी। प्रशासन ने परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सिस्टम और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद ऐसी लापरवाही ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने दो विषयों की परीक्षा रद्द कर दी है। आयोग के अनुसार, कुछ केंद्रों पर प्रश्नपत्र की कमी और प्रिंटिंग में त्रुटियों की शिकायतें मिली थीं। इसके तहत बोकारो के उक्त केंद्र पर आयोजित शिक्षा विषय और रांची के एक केंद्र पर आयोजित उड़िया विषय की परीक्षा रद्द कर दी गई है। नई तिथि जल्द जारी करने की बात कही गई है।
इसके अलावा एक अन्य केंद्र पर संस्कृत विषय के बंडल में मानवशास्त्र का प्रश्नपत्र पहुंचने की भी गड़बड़ी सामने आई। परीक्षार्थियों को लिखना शुरू करने के बाद इस गलती का पता चला, जिससे उनका समय बर्बाद हुआ। बाद में सही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराकर परीक्षा शुरू कराई गई।
पूरी घटना ने परीक्षा संचालन की पारदर्शिता और तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थी अब निष्पक्ष और व्यवस्थित पुनर्परीक्षा की मांग कर रहे हैं।

