Site icon Jharkhand LIVE

JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर मंत्री सुदिव्य सोनू का बड़ा आरोप, बोले- BJP ने किया आंदोलन हाईजैक

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी छात्र आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप से हाईजैक करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए तैयार है।

मंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों से उग्र आंदोलन का रास्ता छोड़कर सरकार के साथ संवाद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने 98 फीसदी मांगें मानीं: मंत्री

सुदिव्य कुमार सोनू ने विधानसभा में दावा किया कि राज्य सरकार ने आंदोलनरत छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023 व 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि परीक्षा में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ED और आपराधिक मामलों की जांच के लिए CID से कार्रवाई कराने की बात कही गई है। साथ ही 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के उद्देश्य से फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

JSSC-CGL परीक्षा पर फंसा पेंच

हालांकि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है। मंत्री ने कहा कि इस परीक्षा को रद्द करना राज्य सरकार के सीधे अधिकार क्षेत्र में नहीं है, क्योंकि मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है।

वहीं, आंदोलनकारी छात्र JSSC-CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने के साथ पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत अब तक किसी अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।

बातचीत के लिए चार मंत्रियों की कमेटी

मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति बनाई है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी राजनीतिक दल के बहकावे में न आएं और सरकार के साथ सीधे संवाद के जरिए अपनी मांगें रखें।

उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के रास्ते खुले रखे हुए है। साथ ही विधानसभा घेराव या किसी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी राजनीतिक गर्मी

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षाओं को रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर के बावजूद JSSC-CGL और CBI जांच की मांग को लेकर अब भी सहमति नहीं बन सकी है।

Exit mobile version