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झारखंड में वज्रपात का कहर: 8 लोगों की मौत, कई घायल; कई जिलों में यलो अलर्ट जारी

झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही बारिश और आकाशीय बिजली ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में वज्रपात की घटनाओं में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी रांची समेत कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हो चुका है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरे झारखंड में फैलने की संभावना है। इसी दौरान तेज बारिश, वज्रपात और आंधी की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

रांची में दो लोगों की मौत

राजधानी रांची के पिथोरिया क्षेत्र स्थित बरहू गांव में खेत में काम कर रहे 55 वर्षीय जीतु महली की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं कटमकूली गांव में 33 वर्षीय निराशा देवी भी वज्रपात की चपेट में आकर जान गंवा बैठीं।

गढ़वा में दो लोगों ने गंवाई जान

गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में 65 वर्षीय राम अवतार पाल की वज्रपात से मौत हो गई। वहीं खरौंधी क्षेत्र की रहने वाली 30 वर्षीय रीना देवी भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान नहीं बचा सकीं।

चतरा, गिरिडीह और कोडरमा में भी हादसे

चतरा के सदर थाना क्षेत्र स्थित इको पार्क में काम कर रही 35 वर्षीय महिला मजदूर गीता देवी की वज्रपात से मौत हो गई।

गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड के घोसकेड़ी गांव में स्कूल से लौटने के बाद जामुन खाने गए 10 वर्षीय बच्चे की बिजली गिरने से गंभीर रूप से झुलसने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

सरायकेला और जामताड़ा में भी जानलेवा साबित हुआ वज्रपात

सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड के संदिरडीह गांव में बारिश के दौरान झोपड़ी में शरण लिए हुए 35 वर्षीय संजय देवगम की बिजली गिरने से मौत हो गई। इस घटना में उनके पिता और नाबालिग बेटी भी घायल हो गए।

जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के बिथरा गांव में एक 10 वर्षीय बच्चे की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।

मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

विशेष रूप से संताल परगना और कोल्हान प्रमंडल के जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

वज्रपात से बचाव के लिए बरतें सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश शुरू होते ही सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की हिदायत दी गई है।

घर के अंदर रहने वाले लोगों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालने तथा गरज-चमक के दौरान अनावश्यक रूप से मोबाइल और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करने से बचें और मवेशियों को खुले स्थानों में न छोड़ें।

लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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