झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और कोबरा 209 बटालियन ने संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर रविंद्र गंझू को लातेहार जिले के चंदवा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा बलों ने उसके कब्जे से AK-56/AK-47 राइफल, 7.65 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल, एक देसी राइफल और 229 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
रविंद्र गंझू पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सुरक्षा एजेंसियां इस गिरफ्तारी को राज्य में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही हैं।
154 से अधिक मामलों में था आरोपी
पुलिस के अनुसार, रविंद्र गंझू के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में 154 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक मामले लोहरदगा, लातेहार और गुमला जिलों में दर्ज हैं। उस पर कई बड़े नक्सली हमलों की साजिश रचने, सुरक्षाबलों पर हमले कराने और आम नागरिकों की हत्या के गंभीर आरोप हैं।
कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड
जांच एजेंसियों के अनुसार, रविंद्र गंझू वर्ष 2019 में लातेहार के चंदवा स्थित लुकैया मोड़ पर पुलिस गश्ती दल पर हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें चार पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इसके अलावा बरवाडीह के कटिया जंगल में आईईडी विस्फोट और बालूमाथ के सुरंगी डोंगरी हमले सहित कई बड़ी घटनाओं में उसकी भूमिका सामने आई है।
ED ने जब्त की 3.87 करोड़ की संपत्ति
गिरफ्तारी के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविंद्र गंझू और उसके सहयोगियों की 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि ये संपत्तियां लेवी और रंगदारी से जुटाई गई रकम से खरीदी गई थीं। अधिकांश संपत्तियां लातेहार जिले के चंदवा और कामता क्षेत्र में स्थित हैं।
जांच में जुटीं एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियां अब रविंद्र गंझू से पूछताछ कर उसके नेटवर्क, सहयोगियों और माओवादी संगठन की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लगी हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से झारखंड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी मजबूती मिलेगी।

