झारखंड सरकार ने राज्य में मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत किसानों को ₹3,000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले किसानों को ₹15,000 तक की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
किन फसलों पर मिलेगा लाभ?
योजना के तहत रागी (मड़ुआ), ज्वार, बाजरा, कंगनी, सांवा, कोदो, चीना, कुटकी, कुदरू और चौलाई जैसी मोटे अनाज की फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और अनियमित मानसून के बीच कम पानी में होने वाली पौष्टिक फसलों का उत्पादन बढ़ाना है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ झारखंड के स्थायी निवासी किसान उठा सकते हैं। रैयत और बटाईदार दोनों प्रकार के किसान आवेदन के पात्र हैं। आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक), केवाईसी अपडेट बैंक पासबुक तथा भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे जमीन की रसीद, वंशावली या एलपीसी की आवश्यकता होगी।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक किसान झारखंड राज्य मिलेट मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी प्रज्ञा केंद्र (CSC) या अपने प्रखंड के कृषि पदाधिकारी/बीटीएम (BTM) के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के बाद कृषि विभाग मोबाइल ऐप के जरिए खेतों का भौतिक सत्यापन करेगा।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का मानना है कि श्री अन्न की खेती से किसानों की आय बढ़ेगी, मिट्टी की उर्वरता बेहतर होगी और कम पानी में भी अच्छी पैदावार संभव होगी। इसके साथ ही पौष्टिक अनाज के उत्पादन और उपभोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

