राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दाल-भात योजना, जिसे मुख्यमंत्री श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के नाम से भी जाना जाता है, का उद्देश्य गरीबों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत लाभुकों को केवल 5 रुपये में चावल, दाल और सब्जी या चोखा परोसा जाता है।

इस योजना का लाभ मुख्य रूप से दैनिक मजदूरों, रिक्शा चालकों, फुटपाथ दुकानदारों, प्रवासी श्रमिकों और बेघर लोगों को मिल रहा है। राज्यभर में संचालित दाल-भात केंद्रों का संचालन स्वयं सहायता समूहों (SHG) और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के सहयोग से किया जाता है।

सरकार अब इस योजना को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। कई दाल-भात केंद्रों को ‘गुरुजी किचन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

राज्य के सभी जिलों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल और श्रम बाजार जैसे स्थानों के आसपास इन केंद्रों की स्थापना की गई है, ताकि जरूरतमंद लोगों को आसानी से भोजन मिल सके। भोजन की वास्तविक लागत का बड़ा हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करती है, जिससे गरीबों को बेहद कम कीमत पर भोजन उपलब्ध हो पाता है।