झारखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचलाधिकारी (CO) के पदस्थापन की नई नीति लागू कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक से मंजूरी मिलने के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक संकल्प (अधिसूचना) जारी कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत अब अधिकारियों की तैनाती संबंधित प्रखंड या अंचल में पंचायतों की संख्या के आधार पर की जाएगी।
12 पंचायतों तक एक ही अधिकारी संभालेंगे दोनों जिम्मेदारी
नई नीति के अनुसार, जिन प्रखंडों या अंचलों में 12 या उससे कम पंचायतें हैं, वहां अलग-अलग BDO और CO की नियुक्ति नहीं होगी। ऐसे क्षेत्रों में एक ही अधिकारी दोनों पदों का कार्यभार संभालेगा।
सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था का असर राज्य के 107 प्रखंडों और अंचलों पर पड़ेगा।
107 क्षेत्रों में ऐसे होगा दायित्वों का बंटवारा
नई अधिसूचना के मुताबिक—
53 अंचलों में अंचलाधिकारी (CO) अतिरिक्त रूप से BDO का कार्यभार संभालेंगे।
54 प्रखंडों में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को CO की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
164 बड़े प्रखंडों में नहीं होगा कोई बदलाव
जिन प्रखंडों में 12 से अधिक पंचायतें हैं, वहां पहले की तरह BDO और CO के अलग-अलग पद बने रहेंगे। ऐसे 164 प्रखंडों में वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी।
सरकार ने क्यों किया बदलाव?
सरकार का कहना है कि कई वर्षों से अनेक छोटे प्रखंडों और अंचलों में एक ही अधिकारी दोनों पदों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। नई नीति से अधिकारियों की तैनाती को अधिक व्यावहारिक और संतुलित बनाया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ राजस्व प्रशासन, दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, अतिक्रमण मामलों और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों के निष्पादन में भी तेजी आएगी।
नई पदस्थापन नीति के लागू होने के बाद राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संसाधन आधारित बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

