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झारखंड में अवैध अफीम के खिलाफ सख्ती, DGP ने SP को दिए सैटेलाइट निगरानी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश

झारखंड में अवैध अफीम की खेती और तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य की DGP तदाशा मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अफीम प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

इस बैठक में रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी समेत आठ जिलों के एसपी शामिल हुए। बैठक में वर्ष 2025 के दौरान किए गए अफीम विनष्टीकरण, 2025-26 फसल वर्ष में नष्ट की गई भूमि के सत्यापन और दर्ज मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

DGP ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन इलाकों में कार्रवाई हो चुकी है और जहां अभी बाकी है, वहां सैटेलाइट तकनीक के जरिए निगरानी कर अवैध खेती वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए। साथ ही, बड़े तस्करों और संगठित नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया।

अवैध अफीम की खेती पर नियंत्रण के लिए सैटेलाइट इमेज का इस्तेमाल किया जाएगा और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। तस्करी में शामिल अपराधियों पर पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और जब्त मादक पदार्थों को नियमानुसार नष्ट किया जाएगा।

पुलिस को यह भी निर्देश दिया गया कि मामलों में मजबूत साक्ष्य जुटाकर तेजी से अनुसंधान किया जाए और समय पर चार्जशीट दाखिल हो। इसके साथ ही किसानों को अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजनाओं से जोड़ने की बात कही गई।

गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया। DGP ने साफ कहा कि राज्य में अवैध अफीम खेती और तस्करी नेटवर्क को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक और एसपी सीआईडी पूज्य प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी संबंधित जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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