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Jharkhand Paddy Procurement: झारखंड में धान बेचनेवाले किसानों को अब मिलेगा 109 रुपये प्रति क्विंटल बोनस

झारखंड में सरकारी केंद्रों पर धान बेचनेवाले किसानों को अब प्रति क्विंटल 109 रुपये बोनस मिल सकता है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दिए जानेवाले बोनस को 84 रुपये से बढ़ाकर 109 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है। यानी किसानों को पहले की तुलना में 25 रुपये प्रति क्विंटल अधिक बोनस मिलेगा। मंगलवार को होनेवाली राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति मिल सकती है।

सरकार के इस निर्णय से राज्य के खजाने पर 43.60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में करीब तीन दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इनमें सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और नगर विकास विभाग से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।

धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य घटाकर 40 लाख क्विंटल

झारखंड में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य संशोधित कर 40 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। पहले सरकार ने 50 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा था। विभागीय आकलन के अनुसार, केंद्र सरकार के एनएफएसए सेंट्रल पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लिए 19,79,412 क्विंटल धान की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। इसी के आधार पर खरीद का लक्ष्य कम किया गया है।

सामान्य धान का एमएसपी 2,550 रुपये प्रति क्विंटल

सरकारी केंद्रों पर किसानों को सामान्य धान के लिए 2,550 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए 2,570 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रस्तावित बोनस का लाभ भी किसानों को मिलेगा।

नियमों के अनुसार, किसान प्रति एकड़ अधिकतम 16 क्विंटल धान बेच सकते हैं। वहीं, कुल जोत के आधार पर एक किसान अधिकतम 200 क्विंटल तक धान बेच सकता है।

ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधन जरूरी

सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पहले ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधन कराना होगा। इसके साथ ही जमीन का सत्यापन और ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। किसान अपने नजदीकी धान अधिप्राप्ति केंद्र पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धान बेच सकते हैं।

विधानसभा के विशेष सत्र पर भी हो सकता है फैसला

कैबिनेट की बैठक में नवंबर के पहले सप्ताह में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी निर्णय हो सकता है। इस सत्र में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी है। इसके अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर किसानों को लाभ पहुंचाने और उनके आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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