झारखंड के किसानों की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही है। राज्य सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से संचालित ‘पलाश’ ब्रांड के तहत 115 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) ने अब तक 60.51 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया है। इस दौरान राज्य से 2.24 लाख किलो से ज्यादा आम की बिक्री की गई है।
झारखंड के आमों की गुणवत्ता को देखते हुए इस वर्ष पहली बार बड़े पैमाने पर विदेशों में निर्यात किया जा रहा है। सिमडेगा जिले की महिला किसान उत्पादक कंपनियों द्वारा उत्पादित आम्रपाली किस्म के आम लंदन और इटली भेजे गए हैं। वहीं रामगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों से 1500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई के बाजारों तक पहुंच चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आमों की ग्रेडिंग की जा रही है। ग्रेड-ए श्रेणी के उच्च गुणवत्ता वाले आमों का निर्यात विदेशों में किया जा रहा है, जबकि ग्रेड-बी और ग्रेड-सी श्रेणी के आम राज्य और देश के घरेलू बाजारों में ‘पलाश मार्ट’ और ‘अपना मार्ट’ के माध्यम से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे जा रहे हैं।
इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में लगभग 1.86 लाख एकड़ भूमि पर आम के बाग विकसित किए गए हैं, जिससे करीब 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है। सखी मंडल की महिलाएं आम तोड़ने, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन तक की पूरी प्रक्रिया संभाल रही हैं, जिससे उन्हें बेहतर आय और आत्मनिर्भरता मिल रही है।
राज्य सरकार अब पलाश ब्रांड के उत्पादों को और बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न रिटेल चेन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ भी बातचीत कर रही है।

