झारखंड राज्य के बोकारो और हजारीबाग जिले में पुलिसकर्मियों के वेतन की कथित अवैध निकासी के मामले ने अब राज्यभर में प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी जिलों के साथ-साथ पुलिस की विभिन्न इकाइयों में पिछले 10 वर्षों की सैलरी निकासी की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया है।
पुलिस मुख्यालय ने पूरे मामले की निगरानी तेज कर दी है
जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आए संकेतों के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे मामले की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलों के एसपी, डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तय की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपें।
अनियमितता की आशंका पर सभी जिलों से मांगी गई रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी वेतन निकासी में अनियमितता या फर्जीवाड़ा न हुआ हो। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है। इस मामले से जुड़े आरोपित पुलिसकर्मियों पर पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों को लेकर अलग से कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है। संबंधित आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की एजेंसी जांच की सिफारिश की जा सकती है। वहीं अन्य जिलों से भी वेतन निकासी से जुड़ी शिकायतों की जानकारी मिलने के बाद राज्य स्तर पर जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।।

