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झारखंड में प्री-मानसून बारिश का असर, कई इलाकों में जलजमाव; अगले पांच दिनों में मानसून की दस्तक के आसार

झारखंड में मानसून के आगमन से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य के कई जिलों में हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, लेकिन कई शहरों में जलजमाव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं।

राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों में हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, वहीं प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई।

जलजमाव ने खोली शहरी व्यवस्था की पोल

बारिश के बाद कई इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था की कमियां उजागर हो गईं। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने और ड्रेनेज सिस्टम के अवरुद्ध होने के कारण पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में जमा हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून शुरू होने से पहले नगर निकायों को जलजमाव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।

यातायात प्रभावित, बढ़ा दुर्घटना का खतरा

तेज बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। जलजमाव की वजह से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ स्थानों पर लंबा जाम भी देखने को मिला। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।

बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा असर

बारिश और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बाधित की गई। बिजली विभाग ने लोगों से जलजमाव वाले क्षेत्रों में बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और खुले तारों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

अगले पांच दिनों में मानसून की दस्तक संभव

मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अगले पांच दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रवेश कर सकता है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के प्रवेश के साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है, जिससे किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी।

प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत

मानसून के आगमन को देखते हुए प्रशासन को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने की जरूरत है। वहीं नागरिकों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से किसानों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेतों की तैयारी और खरीफ फसलों की बुआई की योजना बनाने को कहा गया है।

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