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झारखंड राज्यसभा चुनाव में परिमल नथवाणी को बड़ी राहत, नामांकन वैध घोषित; अब मुकाबला हुआ त्रिकोणीय

झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी को बड़ी राहत मिली है। रिटर्निंग ऑफिसर ने सुनवाई के बाद उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला अब पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है।

दरअसल, नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान कांग्रेस और झामुमो ने परिमल नथवाणी के दस्तावेजों में नाम के प्रारूप, हलफनामे में कथित त्रुटियों और कुछ कॉलम अधूरे रहने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इन आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन अस्थायी रूप से होल्ड पर रख दिया था।

नथवाणी की ओर से तय समय सीमा के भीतर सभी बिंदुओं पर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत नामांकन पत्र की जांच कर उसे वैध पाया और मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कांग्रेस की नामांकन रद्द करने की मांग भी खारिज हो गई।

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के नामांकन पहले ही सही पाए जा चुके हैं। अब राज्यसभा की दो सीटों के लिए कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं।

राजनीतिक गणित की बात करें तो एक उम्मीदवार को जीत के लिए न्यूनतम 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी। विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के पास 24 विधायक हैं।

ऐसे में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी की जीत के लिए अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। इसी वजह से चुनाव में क्रॉस वोटिंग और द्वितीय वरीयता मतों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब सभी की नजरें मतदान और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं।

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