खासमहल भूमि नीति को लेकर झारखंड में जारी अनिश्चितता के बीच कांग्रेस विधायक अम्बा प्रसाद ने सरकार से खासमहल पट्टेदारों के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के करीब ढाई दशक बाद भी खासमहल मैन्युअल का नवीकरण नहीं हुआ है और वर्षों से रह रहे पट्टेदारों की लीज के नवीकरण का मामला भी लंबित है।
अम्बा प्रसाद ने कहा कि खासमहल भूमि नीति को लेकर स्पष्ट नियमावली नहीं होने से पट्टाधारकों में असंतोष बढ़ रहा है। उनके अनुसार, नीतिगत स्पष्टता के अभाव में एक तरफ नीति-निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पट्टेदारों के खिलाफ बिना पारदर्शी और समुचित प्रक्रिया के कार्रवाई की जा रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अम्बा प्रसाद ने कहा कि नागरिकों के अधिकार और जनहित से जुड़े मामलों में आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि खासमहल मैन्युअल का जल्द नवीकरण किया जाए और लीज विस्तार की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाया जाए। साथ ही, जब तक नई विधिसम्मत नीति लागू नहीं होती, तब तक पट्टेदारों के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाइयों पर रोक लगाकर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की।

