ओमान (मस्कट) में फंसी झारखंड के सिमडेगा जिले की 22 वर्षीय प्रीति कुजूर 2 अगस्त 2026 को सुरक्षित अपने घर लौट आई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष, मस्कट स्थित भारतीय दूतावास और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (PoE) के समन्वित प्रयास से उनकी सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
जानकारी के अनुसार, प्रीति को एजेंटों ने दुबई में घरेलू काम दिलाने का झांसा देकर विदेश भेजा था, लेकिन उन्हें ओमान भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और वापस लौटने के लिए उनसे 600 ओमानी रियाल की मांग की गई। इसके बाद उनके भाई रंतु कुजूर ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई।
सरकारी हस्तक्षेप के बाद भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक कार्रवाई की, जिसके बाद प्रीति 1 अगस्त को ओमान से भारत रवाना हुईं और 2 अगस्त को सकुशल झारखंड पहुंच गईं। राज्य सरकार ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों और राज्य की बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

