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29 जून को मिला नियुक्ति पत्र, 30 जून को हो गए रिटायर! झारखंड के शिक्षक नंदलाल रवानी की अधूरी रह गई सरकारी नौकरी

झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा एक भावुक मामला सामने आया है। जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड निवासी नंदलाल रवानी को 29 जून 2026 को रांची के ताना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सहायक आचार्य का नियुक्ति पत्र मिला। लेकिन नियुक्ति मिलने के अगले ही दिन, 30 जून को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण वे सेवानिवृत्त हो गए।

नंदलाल रवानी वर्ष 2006 से पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 2016 में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2023 में सहायक आचार्य भर्ती का विज्ञापन जारी होने पर उन्होंने आवेदन किया, लेकिन भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा और काउंसलिंग पूरी होने में करीब तीन साल लग गए। इसी देरी के कारण नियुक्ति पत्र मिलने तक उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी हो गई।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद नंदलाल रवानी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत और इंतजार के बाद नियमित शिक्षक बनने का सपना तो पूरा हुआ, लेकिन बच्चों को पढ़ाने का मौका नहीं मिल सका। उनके अनुसार अब यह नियुक्ति पत्र सिर्फ एक कागज बनकर रह गया है।

इसी नियुक्ति समारोह में पलामू के नियूम अंसारी का मामला भी सामने आया। वे 31 मई को ही सेवानिवृत्त हो चुके थे, लेकिन उन्हें एक महीने बाद नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

इन दोनों मामलों ने झारखंड की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में हुई देरी और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नंदलाल रवानी ने सरकार से आर्थिक सहायता, पेंशन या अन्य राहत देने की मांग की है, ताकि लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों को न्याय मिल सके।

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