Site icon Jharkhand LIVE

झारखंड टेक्सटाइल नीति-2026: ₹1000 करोड़ निवेश, 20 हजार रोजगार का लक्ष्य

झारखंड सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘झारखंड टेक्सटाइल, अपैरल एवं फुटवियर नीति-2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। प्रस्तावित नीति के तहत राज्य में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

75% स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

नई नीति के अनुसार, टेक्सटाइल, अपैरल और फुटवियर क्षेत्र में स्थापित होने वाली कंपनियों को अपने कुल कर्मचारियों में कम से कम 75 प्रतिशत झारखंड के स्थानीय निवासियों को रोजगार देना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।

कंपनियों को मिलेगी वेतन और पूंजी सब्सिडी

ड्राफ्ट नीति के तहत सरकार कंपनियों को प्रत्येक पुरुष कर्मचारी पर 5,000 रुपये और प्रत्येक महिला कर्मचारी पर 6,000 रुपये प्रति माह की वेतन सब्सिडी देगी। वहीं, एससी, एसटी और दिव्यांग कर्मचारियों की नियुक्ति पर 1,000 रुपये अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, पात्र औद्योगिक इकाइयों को स्थायी पूंजी निवेश पर 20 प्रतिशत तक (अधिकतम 50 करोड़ रुपये) की सब्सिडी मिलेगी। महिला, एससी और एसटी उद्यमियों को इसमें 5 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।

आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और स्किल डेवलपमेंट पर जोर

सरकार राज्य में आधुनिक टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करेगी, जहां प्रोसेसिंग, डिजाइनिंग, टेस्टिंग, पैकेजिंग और वेयरहाउसिंग जैसी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

स्थानीय युवाओं को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए सरकार प्रति प्रशिक्षु 13,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता भी देगी।

सिंगल विंडो सिस्टम से बढ़ेगा निवेश

निवेशकों की सुविधा के लिए नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, त्वरित मंजूरी और पारदर्शी विवाद निपटान की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

यह नीति वर्ष 2016-21 की टेक्सटाइल नीति का नया संस्करण है। सरकार का उद्देश्य टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

Exit mobile version