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झारखंड के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी; मानसून की दस्तक के संकेत

झारखंड में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची (IMD) ने राज्य के 14 जिलों के लिए अगले तीन दिनों तक आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और दक्षिण-पश्चिम मानसून के अनुकूल बन रही परिस्थितियों के कारण मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जून के बीच राज्य के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

तापमान में होगी गिरावट

मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश और तेज हवाओं के प्रभाव से राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना है। वहीं 15 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

इन जिलों में रहेगा अधिक असर

मौसम केंद्र ने रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) समेत कई जिलों में मौसम के अधिक प्रभाव की संभावना जताई है।

इसके अलावा संताल परगना क्षेत्र के देवघर, दुमका, जामताड़ा, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में भी 12 और 13 जून को तेज बारिश और वज्रपात की आशंका व्यक्त की गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि आंधी और वज्रपात के समय खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचों से दूर रहें।

सफर के दौरान खराब मौसम की स्थिति बनने पर वाहन को किसी सुरक्षित स्थान पर रोकने की सलाह दी गई है। वहीं घर के अंदर रहने वाले लोगों को बिजली उपकरणों के प्लग निकालने और गरज-चमक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी चेतावनी

किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करने से बचें। साथ ही मवेशियों को खुले स्थानों में चराने और लोहे या धातु के कृषि उपकरणों का उपयोग करने से परहेज करें।

मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के आगमन के साथ राज्य में वर्षा गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे खेती-किसानी के कार्यों को भी गति मिलेगी। हालांकि अगले कुछ दिनों तक वज्रपात और तेज आंधी का खतरा बना रहने के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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