PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की पहली बार तस्वीर आई सामने, झारखंड पुलिस ने जारी किया, सूचना देने पर मिलेगा इनाम

PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की पहली बार तस्वीर आई सामने, झारखंड पुलिस ने जारी किया, सूचना देने पर मिलेगा इनाम

PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की पहली बार तस्वीर सामने आई है। झारखंड पुलिस ने 25 लाख के इनामी नकस्ली दिनेश गोप की तस्वीर जारी किया है। इसके साथ ही पुलिस ने 6 और नक्सलियों की भी तस्वीर जारी की है।

दिनेश गोप का पीएलएफआई संगठन रांची, खूंटी सहित झारखंड के कई जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका है। आए दिन इस संगठन के लोग रंगदारी मांगकर पुलिस को चुनौती देते रहते हैं। झारखंड पुलिस बीते 16 साल से दिनेश गोप की तलाश कर रही थी, लेकिन पुलिस के पास उसकी एक भी तस्वीर तक नहीं थी, लेकिन अब पुलिस को दिनेश गोप की तस्वीर मिल गई है।

पीएलएफआई सुप्रिमो दिनेश गोप पर झारखंड पुलिस ने 25 लाख रूपया और केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने 5 लाख रूपया का इनाम रखा है। वह मूल रूप से खूँटी जिला के कर्रा थाना क्षेत्र के लापा मोरहाटोली ग्राम का रहने वाला है। उसके खिलाफ रांची, खूंटी सहित विभिन्न जिलों में दर्जनों केस दर्ज है। एनआईए की टीम टेरर फंडिंग मामले में उसकी और उसके कई रिश्तेदारों की दर्जनों संपत्तियों को जब्त कर कर चुकी है। साथ ही उसकी तलाश भी कर रही है।

युवाओं को संगठन से जोड़कर देता है वसूली का छूट

पुलिस के मुताबिक इस संगठन में वैसे लोग शामिल होते हैं। जो बेरोजगार होते है या फिर पहले से ही अपराध की दुनिया में हैं। ऐसे लोगों को पीएलएफआई सुप्रिमो दिनेश गोप संगठन में जोड़ता है। फिर उन्हें हथियार और एक निश्चित राशि का भरोसा देकर एरिया का कमांडर बना देता है। इसके साथ ही उसे उस इलाके में लेवी वसूलने के लिए खुली छूट देता है और फिर यही लोग पीएलएफआई और दिनेश गोप के नाम पर रंगदारी वसूलते हैं।

दोनों पत्नियों बन चुकी हैं सरकारी गवाह

पीएलएफआई सुप्रिमो दिनेश गोप ने दो शादियां की हैं, दोनों ही पत्नी इस वक्त सलाखों के पीछे हैं। एनआईए ने इसी साल 31 जनवरी को दिनेश गोप की दोनों पत्नियां हीरा देवी व शकुंतला कुमारी को लेवी वलूलन के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों ही पत्नी एनआईए कोर्ट में टेरर फंडिंग मामले में सरकारी गवाह बन चुकी हैं।

26 चक्र की सुरक्षा में रहता है दिनेश गोप

झारखंड पुलिस अब तक पीएलएफआई सुप्रिमो के कई करीबियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन अब तक दिनेश गोप तक नहीं पहुंच पाई है। गिरफ्त में आए पीएलएफआई के कई नक्सलियों ने पुलिस पूछताछ में बता चुके हैं कि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप 26 चक्र की सुरक्षा दस्ते में रहता है, उसके पास पहुंचने के लिए 26 चक्र को भेदना पड़ता है, इसलिए वह अबतक पुलिस से बचता रहा है।

जब भी पुलिस उसके इर्द गिर्द पहुंचती है, तब तक उसे पुलिस के आने की जानकारी हो जाती है और वह मौके से निकल जाता है। जानकारी के मुताबिक वह अक्सर आर्मी ड्रेस में ही रहता है। अगर उसे कहीं जाना होता हो तो केवल उसकी पहली सुरक्षा में रह रहे लोगों को ही पता चल पाता है।

पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) का इतिहास

पीएलएफआई संगठन, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया माओवादी (सीपीआई-माओवादी) से निकला हुआ नक्सली संगठन है। पहले यह संगठन झारखंड लिबरेशन टाइगर (JLT) के नाम से जाना जाता था। इसमें नक्सली संगठन छोड़कर आए लोगों ही शामिल थे और ये लोग पुलिस की मदद किया करते थे, लेकिन धीरे-धीर ये संगठन अपने उद्देश्यों से भटकने लगा और फिर नाम बदकर पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) बन गया। यही नहीं ये नक्सलियों के समानांतर भी खड़ा हो गया और पुलिस को ही चुनौती देने लगा। रांची के ग्रामीण व शहरी इलाकों, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, हजारीबाग, सिंहभूम, सहित राज्य के कई जिलों में इसने अपना मजबूत संगठन खड़ा कर लिया है। यह अब नक्सलियों की तरह हिंसक घटनाओं को अंजाम देने और लेवी वसूलने का काम किया करता है।

इन लोगों की भी तस्वीर हुई जारी

झारखंड पुलिस ने इसके साथ ही 15 लाख का इनामी जिदन गुड़िया, 10 लाख का इनामी तिलकेश्वर गोप, दो लाख का इनामी अवधेश जायसवाल उर्फ चूहा, दो लाख का इनामी अजय पूर्ति, दो लाख का इनामी सनिचर पूर्ति और दो लाख का इनामी मंगरा लुगुन की तस्वीरे और इनाम जारी किया है। पुलिस ने आम लोगों ने इनके बारे में जानकारी देने के लिए कहा है।

सूचना देनेवाले की पहचान गोपनीय रखी जायेगी

इन सातों नक्सलियों और उनकी संपत्ति के बारे में किसी तरह की सूचना स्थानीय पुलिस अथवा रांची रेंज के डीआइजी के नंबर 9431706118, रांची एसएसपी 9431706136, खूंटी एसपी 9431706116, गुमला एसपी 9431706376, सिमडेगा एसपी 9431116444 और एसपी चाईबासा 9431706451 पर दी जा सकती है। सूचना देनेवाले लोगों को पुलिस की तरफ से इनाम दिया जायेगा और उनकी पहचान गोपनीय रखी जायेगी।

Jharkhand LIVE Staff

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