झारखंड: प्राइवेट क्लीनिक में युवती के साथ यौन शोषण, घटना के बाद 20-22 बार कर चुकी है आत्महत्या की कोशिश

झारखंड: प्राइवेट क्लीनिक में युवती के साथ यौन शोषण, घटना के बाद 20-22 बार कर चुकी है आत्महत्या की कोशिश

पाकुड़ जिला मुख्यालय में स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में एक 19 साल की लड़की के साथ यौन शोषण और उसके परिजनों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस मामले में दोनों तरफ से केस दर्ज करवाया गया। सीएम हेमंत सोरेन ने मामले के जांच के आदेश दिए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

परिजनों का आरोप

पीडिता के परिजनों ने बताया कि 24 अगस्त को शहर में स्थित डॉक्टर कुणाल के क्लीनिक में अंजली ( बदला हुआ नाम) को भर्ती कराया था। उसे पेट में दिक्कत थी। डॉक्टर ने अंजली को सलाईन चढ़ाया और एक रात क्लीनिक में ही बिताने के लिए कहा। जिसके बाद अंजली के माता पिता, चाचा और चाची क्लीनिक में ही रूक गए।

मां और चाची अंजली के साथ मौजूद थी, जबकि पिता और चाचा क्लीनिक के बाहर मौजूद थे। इस बीच मां थोड़ी देर के लिए चाय पीने चली गई और चाची का फोन आ गया, तो वो फोन अंजली के चाचा को देने के लिए क्लीनिक से बाहर चली गई। इसी दौरान अंजली कुछ देर के लिए अकेली हो गई। इसी दरम्यान अस्पताल का कम्पाउंडर मोदासेर शेख आया और उसका यौन शोषण किया।

पीड़िता ने इस घटना को परिजनों को बताया। जिसके बाद परिजन हंगामा करने लगे। जिस वक्त ये घटना हुई, उस वक्त डॉक्टर कुणाल क्लीनिक में मौजूद नहीं थे। घटना की सूचना मिलने के बाद वह क्लीनिक में आए और परिजनों को समझाने की कोशिश की। बात बिगड़ते देख उन्होंने कम्पाउंडर मोदासेर शेख को तुरंत नौकरी से निकाल दिया और फिर परिजनों से बातकर मामले को रफा दफा कर दिया।

पीड़िता बार बार कर रही है आत्महत्या की कोशिश

इस घटना के बाद परिजन अंजली को लेकर घर आ गए, लेकिन इस घटना के बाद अंजली मानसिक रूप से बीमार हो गई। वह बार बार घटना के जिक्र करने लगी और फिर आत्महत्या का प्रयास करने लगी। करीब 20 से 22 बार उसने आत्महत्या करने की कोशिश की।

डॉक्टर ने की परिजनों के साथ मारपीट

8 सितंबर को डॉक्टर कुणाल ने अंजली के मां को दोबारा अपने क्लिनिक में बुलाया जहां उसके 40 से 50 साथी मौजूद थे। जहां उन्होंने उनको अर्धनग्न कर के पीटा। यही नहीं बेटे और देवर के साथ भी मारपीट किया और फिर एक कमरे में कैद कर दिया। जब इस घटना की जानकारी अंजली के मौसेरे भाई मिली तो वह पाकुड़ थाना गए और पुलिस को रेस्क्यू करने को कहा, जिसके बाद उन सभी का रेस्क्यू किया गया। इसके बाद परिजनों ने 8 सितंबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें डॉक्टर कुणाल, कम्पाउंडर समेत 40-50 लोगों पर शोषण के आरोप लगाए।

इस घटना पर अंजली की मां ने बताया कि 24 अगस्त की घटना के बाद डॉक्टर कुणाल ने उन्हें धमकी दी कि वो इस बारे में बाहर किसी को न बताएं। अगर वो बताएंगी, तो नतीजा अच्छा नहीं होगा। इस डर से वह 8 सितंबर तक चुप रहीं।

क्लीनिक में काम करने वाली नर्स ने पीड़िता के परिजनों के खिलाफ दर्ज कराया केस

उधर केस दर्ज होने के बाद डॉक्टर कुणाल के क्लीनिक में काम करने वाली एक नर्स ने अंजली के परिवार के ऊपर मारपीट और उसके मौसेरे भाई के ऊपर यौन शोषण व जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर केस दर्ज करवा दिया है। केस दर्ज कराने वाली नर्स आदिवासी समुदाय से आती है, इसलिए केस हरिजन एक्ट के तहत दर्ज हुआ है।

सीएम ने दिए जांच के आदेश

इस घटना के बाद अंजली और उसका परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी मामले को अपने संज्ञान में लिया है और पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद दुमका रेंज के डीआईजी के देखरेख में मामले की जांच चल रही है।

(हमने इस मामले में डॉक्टर कुणाल का पक्ष लेने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। )

Jharkhand LIVE Staff

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