रांची पुलिस की गुंडागर्दी, पत्नी संग सब्जी खरीद रहे पत्रकार को पीटा

रांची पुलिस की गुंडागर्दी, पत्नी संग सब्जी खरीद रहे पत्रकार को पीटा

झारखंड के रांची में पुलिस की गुंडागर्दी सामने आई है। राजधानी रांची के मोरहबादी मैदान के पास पत्नी संग सब्जी खरीद रहे पत्रकार आनंद दत्ता के साथ पुलिस ने मारपीट और बदसलूकी की है। इस घटना की पत्रकारों ने निंदा की है, हालांकि अब इस घटना की जांच के आदेश दिए गए।

आनंद दत्ता ने मुताबिक वह शनिवार शाम पत्नी के साथ सब्जी खरीद रह थे। तभी वहां एएसआई मोहन महतो पहुंचे और पूछा यहां क्या कर रहे हो। इस पर आनंद दत्ता ने बताया कि वह सब्जी खरीद रहे है, तब एएसआई ने पूछा सब्जी का झोला कहां है तो उन्होंने बताया कि पत्नी झोला लेकर आगे बढ़ गई।

इतना सुनना था कि एएसआई मोहन महतो ने झपटमार बोलकर पत्रकार आनंद दत्ता को चार थप्पड़ झड़ दिए और धक्का देकर पीसीआर में बैठा लिया। इसके बाद वह पत्रकार को मोरहाबादी टीओपी लेकर आ गए।

इधर घटना की सूचना मिलने के बाद करीब आधा दर्जन पत्रकार टीओपी पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया, तब टीओपी से पत्रकार आनंद दत्ता को छोड़ा गया। आनंद दत्ता ने इस सबंध में आरोपी एएसाआई के खिलाफ लिखित शिकायत की और कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकारों ने की घटना की निंदा

इस घटना की रांची से लेकर दिल्ली तक के पत्रकारों ने निंदा की है। रांची प्रेस क्लब के General Secretary अखिलेश कुमार सिंह ने घटना पर कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा है कि “@HemantSorenJMM आप भी आनंद दत्ता से उनकी खबरों के कारण परिचित हैं। उनकी सारंडा पर लिखी खबरों को आपने बीते दिनों संज्ञान में लिया था। कल पुलिस वालों ने परिचय देने के बाद भी आनंद की पिटाई कर दी। सर कृपया संज्ञान लें। दोषी पर कार्रवाई हो।

वहीं पत्रकार कुमारी प्रेरणा लिखती है कि “ये तो केवल एक मामला है, सोचिए इस एएसआई ने शक की बुनियाद पर कितने निर्दोषों को प्रताड़ित किया होगा। ये पुलिस नहीं गुंडे हैं। आप समझ नहीं सकते कि ऐसी प्रताड़ना के बाद इंसान की मनोस्थिति पर कितना फर्क पड़ता है। झारखंड सरकार को मामले त्वरित करवाई करनी चाहिए।

बहराल रांची पुलिस की इस गुंडागर्दी पर सीएम हेमंत सोरेन ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने लिखा है “रांची पुलिस कृपया उक्त मामले की जाँच कर कार्यवाई करते हुए सूचित करें। झारखण्ड पुलिस ने कोरोना काल में अदम्य साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। यही झारखण्ड पुलिस की पहचान है”।

इस मामले पर राज्य के डीजीपी एमवी राव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि “इस मामले में जांच जारी है और जल्द ही सभी तथ्य सामने आ जाएंगे. दोषियों को परिणाम भुगतने होंगे. झारखंड पुलिस लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है.फोर्स के अंदर ही अपराधियों की तरह व्यवहार करने वाले लोगों के खिलाफ हमेशा जरूरी कार्रवाई की जाती है”।

Jharkhand LIVE Staff

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