झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को JPSC के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को रांची स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ राजधानी रांची में छात्र आंदोलन कर रहे हैं।
कौन हैं एल. खियांग्ते?
एल. खियांग्ते 1988 बैच के बिहार-झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे हैं। वह झारखंड के मुख्य सचिव के पद पर भी रह चुके हैं। प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद फरवरी 2025 में उन्हें झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद बढ़ने और सीआईडी की जांच के बीच खियांग्ते ने 22 जुलाई 2026 को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने का आरोप
सीआईडी की जांच में आरोप है कि 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के संचालन से जुड़ा काम कथित तौर पर ऐसी कंपनी को दिया गया, जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि कंपनी को परीक्षा से संबंधित काम किस प्रक्रिया के तहत सौंपा गया।
मामले में भ्रष्टाचार और कथित रिश्वत लेन-देन के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी को काम दिलाने के बदले बड़ी रकम और कमीशन के लेन-देन का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
JPSC परीक्षा घोटाले में अब तक कई गिरफ्तारियां
सीआईडी की जांच के दौरान परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें JPSC से जुड़े कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और कथित परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित पेपर लीक, दस्तावेजों में हेरफेर और अन्य अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।
पहले हुई थी पूछताछ और छापेमारी
खियांग्ते के आवास और JPSC कार्यालय में सीआईडी की ओर से छापेमारी भी की गई थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज और डिजिटल सामग्री जब्त किए थे। इसके बाद उनसे मामले को लेकर लंबी पूछताछ की गई।
सीआईडी अब इन बरामद सामग्रियों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर परीक्षा में कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
छात्र आंदोलन के बीच गिरफ्तारी
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी को छात्र आंदोलन के बीच जांच एजेंसी की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।

