झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितता के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। CID ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों में रांची के शिवांगन कोचिंग संस्थान का संचालक संजीत कुमार और दिलीप कुमार पासवान शामिल हैं।
CID के अनुसार, संजीत कुमार रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है और शिवांगन कोचिंग सेंटर का संचालन करता था। जांच में उस पर JPSC परीक्षा से जुड़े मामले में अभ्यर्थियों के लिए कथित तौर पर एजेंट की भूमिका निभाने का आरोप सामने आया है। इस मामले में CID थाना में कांड संख्या 16/2026 दर्ज है।
वहीं, दूसरे आरोपी दिलीप कुमार पासवान को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले का रहने वाला बताया गया है। CID का आरोप है कि उसने JSSC-CGL परीक्षा में शामिल कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने में भूमिका निभाई।
परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी की भी जांच
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के दौरान CID की टीम परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी और अन्य संस्थानों की भूमिका भी खंगाल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली OMR शीट की स्कैनिंग, इमेज स्कैनिंग और डेटाबेस तैयार करने जैसे कामों में तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इसी जांच के सिलसिले में CID की टीम सोमवार को रांची स्थित YBN यूनिवर्सिटी भी पहुंची और वहां दस्तावेजों व रिकॉर्ड की पड़ताल की। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
JPSC और JSSC-CGL समेत चार भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने से जुड़ी सरकारी अधिसूचना को चुनौती देने वाले मामले की झारखंड हाईकोर्ट में भी सुनवाई होनी है। ऐसे में CID की ताजा कार्रवाई को परीक्षा धांधली मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है।

