14वीं JPSC, JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले की जांच CBI से नहीं कराई जाएगी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे का भी कोई सवाल नहीं उठता। हालांकि सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से संवाद स्थापित करने और उनकी मांगों पर विचार के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित करने का फैसला लिया है।

JMM के महासचिव एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद पांडे ने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं को समझती है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर अगले दो से तीन दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कड़ी और अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। यह समिति आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत करेगी, उनकी मांगों को सुनेगी और एक से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

इधर, रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का धरना लगातार जारी है। छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराने तथा JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्र मशाल जुलूस, संविधान यात्रा और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी चला रहे हैं।

छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। ऐसे में राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।