झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ पिछले 26 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। JPSC-JSSC अभ्यर्थी रिफॉर्म मंच ने सरकार के परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के बाद आंदोलन को दो महीने के लिए रोकने का निर्णय लिया है। हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सरकार को सुधार और जांच के लिए समय दिया गया है।
सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम
छात्र नेताओं देवेंद्र नाथ महतो और रविंद्र पासवान समेत अन्य ने कहा कि दो महीने के भीतर सरकार को परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की पूरी जांच और परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधार करने होंगे। अगर तय अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र फिर रांची की सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा।
CBI जांच समेत इन मांगों पर कायम छात्र
आंदोलन स्थगित होने के बावजूद छात्रों की प्रमुख मांगें बरकरार हैं। इनमें परीक्षाओं की CBI जांच, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कटऑफ और स्कोरकार्ड सार्वजनिक करना तथा पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाना शामिल है। छात्रों का कहना है कि सरकार के फैसलों की निगरानी लगातार की जाएगी।
20 अगस्त का CM आवास घेराव भी टला
सरकार के फैसले और लिखित आदेश की प्रक्रिया के बीच छात्रों ने 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को भी फिलहाल स्थगित कर दिया है। छात्रों ने कहा है कि सरकार की ओर से किए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर उनकी नजर बनी रहेगी।
44 भर्ती परीक्षाएं रद्द
छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा 2014 से आयोजित 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में सुधार समिति गठित की गई है।

