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JPSC-JSSC के खिलाफ छात्रों का मौन जुलूस, फ्लैशलाइट जलाकर किया विरोध; पुलिसकर्मियों को दिए फूल

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। JPSC-JSSC Reforms Manch के बैनर तले आंदोलन के 18वें दिन अभ्यर्थियों ने रांची में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक (फिरायालाल चौक) तक मौन जुलूस निकाला।

बिना नारेबाजी के छात्रों ने जताया विरोध

मौन जुलूस में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। खास बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने न तो नारे लगाए और न ही शोर-शराबा किया। सभी अभ्यर्थी शांतिपूर्वक मार्च करते हुए अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करते नजर आए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर विरोध दर्ज कराया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों को फूल देकर छात्रों ने गांधीगीरी के जरिए अपना संदेश दिया।

‘हम गुंडे नहीं हैं’ लिखकर पहुंचा अभ्यर्थी

सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल के विरोध में एक अभ्यर्थी ने अपने शरीर पर ‘हम गुंडे नहीं हैं’ लिखकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस तरह छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन के जरिए पुलिस कार्रवाई पर अपना विरोध जताया।

14वीं JPSC और JSSC-CGL रद्द करने की मांग

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में विवादित 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना शामिल है। छात्र परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की भी मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि मामले की जांच CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की कमेटी से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में संस्थागत सुधार कर भविष्य की भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की मांग की जा रही है।

छह छात्र भूख हड़ताल पर

आंदोलन के दौरान छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

सरकार से सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत की मांग

छात्रों और सरकार के बीच अब तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं निकला है। अब छात्रों ने किसी नई कमेटी के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत करने की मांग रखी है।

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों के आंदोलन के साथ राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दल छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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