झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसी TSR डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार के रूप में हुई है। तीनों को रांची के अलग-अलग होटलों में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। इन गिरफ्तारियों के बाद इस बहुचर्चित घोटाले में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार
सीआईडी द्वारा दर्ज कांड संख्या 16/2026 के तहत दो चरणों में कार्रवाई करते हुए अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, कथित मास्टरमाइंड मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी, TDPL के कर्मचारी मो. उस्मान, मो. एबाद तथा ताजा कार्रवाई में गिरफ्तार हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार शामिल हैं।
जांच में सामने आए कई चौंकाने वाले खुलासे
सीआईडी जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का 22 मई को दूसरे विभाग में स्थानांतरण हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने JPSC कार्यालय का प्रभार नहीं छोड़ा और परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज, प्रश्नपत्र लॉजिस्टिक्स और सीट मैपिंग जैसे संवेदनशील कार्यों पर नियंत्रण बनाए रखा।
जांच में यह भी सामने आया कि JSSC द्वारा मई 2025 में ब्लैकलिस्ट की जा चुकी TDPL कंपनी को JPSC की महत्वपूर्ण परीक्षाओं का कार्य लगातार सौंपा जाता रहा।
अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलने का आरोप
सीआईडी के अनुसार, गिरोह अभ्यर्थियों से प्रारंभिक परीक्षा (PT) पास कराने के नाम पर ₹5 लाख और अंतिम चयन के लिए ₹25 लाख तक की रकम वसूलता था। कई मामलों में अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी सुरक्षा के नाम पर अपने पास रखे जाते थे।
सरकारी अधिकारी पर मास्टरमाइंड होने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी है, जो वर्तमान में गोड्डा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि उसने ओएमआर शीट में हेरफेर कर कई परीक्षाएं पास कीं और बाद में इसी नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों को फंसाकर अवैध वसूली का कारोबार चलाया।
JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा, मेन्स परीक्षा स्थगित
जांच के बीच JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं परीक्षा गड़बड़ी के आरोपों के बाद आयोग ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को स्थगित कर दिया है। साथ ही वर्ष 2026 का परीक्षा कैलेंडर भी अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
CID ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
सीआईडी ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से मामले से जुड़ी किसी भी जानकारी या साक्ष्य साझा करने की अपील की है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9934309054 और ईमेल complaintsjpsc-cid@jhpolice.gov.in जारी किया गया है। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

