झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के माध्यम से आयोजित JPSC की सभी 21 परीक्षाएं CID की जांच के दायरे में आ गई हैं। इन परीक्षाओं में सफल होकर सरकारी पदों पर नियुक्त हो चुके 462 अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
CID ने इन परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी कथित पेपर लीक, OMR शीट में हेराफेरी और सेटिंग के जरिए अभ्यर्थियों को सफल कराने जैसे आरोपों की पड़ताल कर रही है। इस मामले में अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
तीन परीक्षाओं से आगे बढ़ी जांच
अब तक CID की जांच मुख्य रूप से 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा, सहायक वन संरक्षक (ACF) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) परीक्षा से जुड़े मामलों पर केंद्रित थी। इन मामलों में संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए झारखंड सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा 2023, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा 2023 और 2025, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, CDPO और अन्य कई परीक्षाओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
इन परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थी भी CID के रडार पर
CID अब TDPL के माध्यम से आयोजित अन्य परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है। इनमें विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।
इसके अलावा सिविल जज जूनियर डिविजन, सहायक लोक अभियोजक, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, CDPO, झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2024 और छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा 2018 भी जांच के दायरे में हैं।
छह टीमें कर रही हैं जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने करीब 35 अधिकारियों की छह टीमें गठित की हैं। इन टीमों में डीआईजी, एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और दारोगा स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन टीमों को TDPL के जरिए हुई सभी 21 परीक्षाओं से संबंधित गड़बड़ियों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
अब तक 27 आरोपित गिरफ्तार
JPSC मेधा घोटाले की जांच में CID अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत अन्य लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क और कथित परीक्षा धांधली की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

