झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपात कैबिनेट बैठक में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ वर्ष 2014 से निजी एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं, उनके परिणाम और नियुक्तियां निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति गठित करने का भी फैसला किया है। साथ ही JSSC से जुड़ी अनियमितताओं की जांच को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
CBI जांच की मांग पर कायम छात्र
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने लंबे समय से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, आंदोलन कर रहे छात्रों के एक गुट का कहना है कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है। छात्र पूरे मामले की CBI जांच कराने और कथित पेपर लीक के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
करीब 2 हजार चयनित अभ्यर्थियों के सामने संकट
वहीं, परीक्षा के जरिए चयनित होकर नौकरी हासिल कर चुके करीब 2 हजार अभ्यर्थियों के सामने भी अब नई चुनौती खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि उन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की थी और किसी अनियमितता में उनकी भूमिका नहीं थी। परीक्षा और नियुक्तियां रद्द होने के फैसले के खिलाफ इन अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
जांच और सुधार पर सरकार का जोर
सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सुधार समिति के जरिए व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। दूसरी ओर, छात्र संगठन CBI जांच की मांग को लेकर अपना आंदोलन पूरी तरह खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं।

