झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक मामले में आरोपी अभय कुमार तिवारी के परिवार को अदालत से राहत नहीं मिली है। अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी की ओर से दाखिल जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। दोनों को CID ने अगस्त में गिरफ्तार किया था।

दरअसल, JSSC-CGL मामले की जांच के दौरान CID ने अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया था। दोनों ने वर्ष 2024 में आयोजित JSSC-CGL परीक्षा पास की थी। जांच एजेंसी इनकी भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कथित लाभ के पहलुओं की जांच कर रही है।

15 सितंबर को हुई थी सुनवाई

दोनों की जमानत याचिका पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई थी। पहले अभियोजन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, जिसके बाद सुनवाई आगे बढ़ाई गई। 15 सितंबर को मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था

JSSC-CGL भर्ती प्रक्रिया भी जांच के घेरे में

JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर CID की जांच जारी है। इससे पहले परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई गई थी और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी दिए गए थे। हाल में राज्य सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की घोषणा की है। इस फैसले को लेकर मामला झारखंड हाईकोर्ट भी पहुंचा है, जहां सरकार से जवाब मांगा गया है।