झारखंड में JSSC PGT (सहायक आचार्य) भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक फर्जी अधिकारी का भंडाफोड़ हुआ है। सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जांच में आरोपी की पहचान झारखंड पुलिस के IRB (इंडियन रिजर्व बटालियन) के हवलदार सुशील कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को JSSC कार्यालय का अधिकारी बताकर अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इसके बदले वह 10 लाख रुपये की मांग कर रहा था। आरोपी ने एक अभ्यर्थी से गारंटी के तौर पर दो बैंक चेक और मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी मांगे थे। संदेह होने पर अभ्यर्थियों और ग्रामीणों ने जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया और चौका थाना पुलिस को सौंप दिया।
बैग से मिले कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज
पुलिस ने आरोपी के बैग की तलाशी ली तो उसमें कई अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, JSSC परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद हुए। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी लंबे समय से नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों को अपना शिकार बना रहा था।
IRB का हवलदार निकला आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपी सुशील कुमार झारखंड पुलिस के IRB में हवलदार है और हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिलवार गांव का निवासी है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने अभ्यर्थियों से ठगी की गई है।
जांच जारी
चौका थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और बरामद दस्तावेजों के आधार पर संभावित पीड़ितों और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

