झारखंड उच्च न्यायालय को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक को झारखंड हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को केंद्रीय कानून मंत्रालय ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी।
कानून मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान के 8 जनवरी को 62 वर्ष की आयु पूरी करने के साथ सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति सोनक झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
वर्तमान में न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उनके नाम की अनुशंसा पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई थी। कॉलेजियम ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कुल पांच नामों की सिफारिश की थी, जिसमें न्यायमूर्ति सोनक का नाम भी शामिल था।
बॉम्बे हाईकोर्ट से झारखंड हाईकोर्ट तक न्यायिक अनुभव का लंबा सफर
न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक का न्यायिक करियर लंबा और विविध अनुभवों से भरा रहा है। उन्हें 21 जून 2013 को बॉम्बे उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। लगभग एक दशक से अधिक समय तक उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है।
न्यायिक कार्यशैली, कानूनी समझ और प्रशासनिक क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले न्यायमूर्ति सोनक 27 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में उनके पास झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में लगभग दो वर्षों से अधिक का कार्यकाल रहेगा।
कानूनी जानकारों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ झारखंड उच्च न्यायालय को मिलेगा, विशेषकर लंबित मामलों के निपटारे, न्यायिक सुधारों और अदालत की प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में। झारखंड जैसे खनन, आदिवासी अधिकार और भूमि विवादों से जुड़े संवेदनशील मामलों वाले राज्य में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से यह नियुक्ति समय रहते कर दी गई है, ताकि न्यायिक कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न आए।