केंद्र सरकार की बजट-पूर्व विचार-विमर्श बैठक में शनिवार को झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान झारखंड के वित्त मंत्री ने राज्य के सर्वांगीण विकास को लेकर केंद्र के समक्ष विस्तृत मांग पत्र पेश की और साथ ही कई अहम सुझाव रखे।

 

वित्त मंत्री ने बिहार मॉडल का उल्लेख करते हुए मांग की कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत झारखंड की महिलाओं को भी कुटीर उद्योग शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से लगभग 51 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है, जिससे सामाजिक-आर्थिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

 

झारखंड सरकार द्वारा केंद्र को सौंपे गए प्रस्ताव में झारखंड के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने, खनन प्रभावित इलाकों में सामाजिक दायित्व को सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आधारभूत ढांचे को तेजी से विकसित करने पर सरकार ने खास जोर दिया गया है। इसके साथ ही व्यापक आर्थिक पैकेज, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में विशेष सहयोग की मांग की गई है।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिले रांची, पलामू और दुमका के अस्पतालों में कैंसर जांच व इलाज के लिए पेट-सीटी स्कैन जैसी आधुनिक मशीनें लगाई जानी चाहिए। इसके लिए केंद्र बजट में विशेष प्रावधान करे।

 

केंद्र से हर साल सिंचाई के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग करते हुए वित्त मंत्री ने झारखंड सरकार के अगले चार वर्षों में एक लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ने की योजना कि जानकारी दी।

 

झारखंड सरकार ने केंद्र को चार प्रमुख सड़क 1060 किलोमीटर लंबाई की परियोजनाओं का डीपीआर सौंपा है, जिनकी अनुमानित लागत 31,380 करोड़ रुपये है। इनमें कई महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं, जिन्हें बजट में स्वीकृति देने का आग्रह किया गया है। इन सड़कों के निर्माण से राज्य के कई पिछड़े जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद लगाई गई है।

 

केंद्र सरकार से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी आर्थिक सहयोग की मांगा की गई है। नेतरहाट, तेनुघाट और चांडिल में इको-टूरिज्म, हुआंगहातू गांव में स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ, तोपचांची और मलय में लेक-फ्रंट परियोजना, चतरा में रोपवे, नेतरहाट-रांची-रामगढ़ में ग्लास ब्रिज, पतरातू में एक्वेरियम पार्क और हीलियम बैलून उड़ान जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा बेतला में टाइगर सफारी और मलूटी, बैद्यनाथ, बंशीधर, पारसनाथ, दिउड़ी मंदिर और अंजन धाम को जोड़ते हुए टूरिस्ट कॉरिडोर विकसित करने की भी योजना रखी गई है।.