झारखंड की महिलाओं के लिए खुशखबरी है. मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की अक्टूबर महीने की किस्त को लेकर इंतजार कर रही लाभुक महिलाओं को जल्द राहत मिल सकती है. दिवाली से पहले महिलाओं के बैंक खातों में 2500-2500 रुपये भेजने की तैयारी की जा रही है. योजना के तहत राज्य की करीब 51 लाख पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है. जिलावार स्तर पर राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की तैयारियां शुरू होने की बात कही जा रही है.
झारखंड सरकार त्योहारों के मौके पर मंईयां सम्मान योजना की राशि लाभुक महिलाओं के खातों में भेजती रही है. दुर्गा पूजा से पहले भी सितंबर महीने की किस्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में 2500 रुपये डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किये गये थे. अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तारीखों पर राशि भेजी गयी थी. अब महिलाओं को अक्टूबर महीने की किस्त का इंतजार है.
दिवाली से पहले खाते में आ सकते हैं 2500 रुपये
इस साल 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार मनाया जायेगा. ऐसे में उम्मीद जतायी जा रही है कि त्योहार से पहले ही महिलाओं के बैंक खातों में अक्टूबर महीने की किस्त पहुंच सकती है. इसके तहत करीब 51 लाख पात्र महिलाओं को 2500-2500 रुपये मिलने की संभावना है. हालांकि, सरकार की ओर से राशि ट्रांसफर की आधिकारिक तारीख और जिलावार भुगतान कार्यक्रम की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
जिलावार तरीके से भेजी जायेगी योजना की राशि
मंईयां सम्मान योजना के तहत लाभुक महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है. इसके लिए जिलास्तर पर लाभुकों की सूची तैयार और सत्यापित की जाती है. इसमें महिलाओं की पात्रता, बैंक खाते और डीबीटी से जुड़ी जानकारी की जांच की जाती है. पात्रता की शर्तें पूरी करने वाली महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की जाती है.
खाते में आधार सीडिंग और डीबीटी की स्थिति जरूर जांचें
मंईयां सम्मान योजना की अक्टूबर महीने की किस्त का लाभ लेने के लिए महिलाओं को अपने बैंक खाते की स्थिति जांच लेनी चाहिए. खासकर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बैंक खाता आधार से लिंक और डीबीटी के लिए सक्रिय हो. खाते में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर योजना की राशि मिलने में परेशानी हो सकती है.
योजना के तहत मिलने वाले 2500 रुपये से महिलाएं त्योहार की खरीदारी, घर की साज-सज्जा और बच्चों की जरूरतों को पूरा कर सकती हैं. सरकार की इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है.

