झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र स्थित सोनपोखरी गांव में खेत की जुताई के दौरान एक पुराना और संदिग्ध मोर्टार शेल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब 30 किलोग्राम वजनी और लगभग दो फीट लंबे इस विस्फोटक के बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
जानकारी के अनुसार, सोनपोखरी गांव के मुंडा टोला निवासी विजय हेंब्रम के खेत में ट्रैक्टर से जुताई की जा रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक शिवचरण महतो का कल्टीवेटर जमीन के भीतर दबे किसी भारी धातु से टकराया। जब उसे बाहर निकाला गया तो शुरुआत में लोगों ने उसे कबाड़ समझ लिया।
बताया जाता है कि ट्रैक्टर चालक और कुछ ग्रामीणों ने लापरवाहीवश उस भारी धातु को हाथों से उठाकर खेत के पास एक मकान के किनारे रख दिया। बाद में उसके मोर्टार शेल होने की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और CRPF के जवान मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर दी। रांची से बम निरोधक दस्ता (BDS) भी जांच के लिए पहुंचा। प्रारंभिक जांच में इसे पुराना मोर्टार शेल बताया गया है। इसकी स्थिति और वजन को देखते हुए इसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है।
पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि बरामद मोर्टार शेल का हालिया नक्सली गतिविधियों या नक्सल विरोधी अभियानों से कोई संबंध नहीं है। प्रथम दृष्टया यह काफी पुराना सैन्य विस्फोटक प्रतीत होता है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि झारखंड में पुराने सैन्य विस्फोटकों की बरामदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मार्च 2026 में पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के घाट से द्वितीय विश्व युद्ध काल के अमेरिकी निर्मित बम बरामद हुए थे, जिन्हें बाद में सेना ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया था।
फिलहाल बरामद मोर्टार शेल को लेकर जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह विस्फोटक आखिर जमीन के भीतर कैसे पहुंचा।

