झारखंड सरकार को आदिवासियों की चिंता नहीं, वनोपज के लिए मिले 50 करोड़ का नहीं किया इस्तेमाल- अर्जुन मुंडा, कंद्रीय मंत्री

झारखंड सरकार को आदिवासियों की चिंता नहीं, वनोपज के लिए मिले 50 करोड़ का नहीं किया इस्तेमाल- अर्जुन मुंडा, कंद्रीय मंत्री

पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केन्द्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने हेमंत सरकार पर आरोप लगाया कि झारखंड सरकार को आदिवासियों की चिंता नहीं है। अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर यह हमला वनोपज (एमएफपी) को लेकर बोला है।

केन्द्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने ट्वीट कर कहाझारखंड सरकार को आदिवासियों की चिंता नहीं है।मेरे मंत्रालय से 50 करोड़ रुपये वनोपज MSP पर खरीदने के लिए दिये गये, लेकिन उस राशि का अभी तक कोई इस्तेमाल नहीं हुआ। जबकि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सरकार ने अच्छी खरीद कर आदिवासियों के आजीविका में मदद की”

दरअसल केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि उपज की तरह वनोपज की एमएसपी भी शुरू की थी, लेकिन पिछले सालों तक इक्का-दुक्का राज्यों ने इसे किया था, लेकिन इस बार ट्राइफेड ने कोविड के मद्देनजर राज्य सरकारों के साथ लगातार फॉलोअप किया, नतीजा रहा कि 22 राज्यों में से 17 राज्यों ने इसे अपने यहां पूरी तत्परता से लागू कर दिया। असम, ओड़िशा व नार्थ ईस्ट के राज्य पहली बार एमएसपी योजना में आए। यही वजह रही कि पिछले साल तक ट्राइबल्स द्वारा वनोपज (एमएफपी) की बिक्री से होने वाला आकड़ा 700-800 करोड़ रुपये का था, जो इस साल बढ़कर 2000 करोड़ रुपये हो गया है। ( ये आंकड़ा ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डिवेलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (ट्राइफेड) के एमडी प्रवीर कृष्णा द्वारा दी गई है।)

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Jharkhand LIVE Staff

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