सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना केस में प्रशांत भूषण पर लगाया एक रुपये का जुर्माना, न देने पर तीन महीने की जेल

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना केस में  प्रशांत भूषण पर लगाया एक रुपये का जुर्माना, न देने पर तीन महीने की जेल

सुप्रीम कोर्ट ने वकील और समाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण की सजा का ऐलान आज कर दिया है। आपराधिक  अवमानना मामले  में कोर्ट ने सजा का ऐलान करते हुए प्रशांत भूषण पर एक रूपया का जुर्माना लगया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अगर प्रशांत भूषण जुर्माना की रकम नहीं जमा करते हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें 3 महीने की जेल हो सकती है। साथ ही तीन साल के लिए उन्हें वकालत से निलंबित भी किया जा सकता है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में 14 अगस्त को दोषी करार दिया था। इस मामले मे कोर्ट ने सजा देने से पहले माफी मांगने के लिए प्रशांत भूषण को कहा था, लेकिन प्रशांत भूषण ने यह कहते हुए पीछे हटने या माफी मांगने से इनकार कर दिया कि यह उनकी अंतरात्मा और न्यायालय की अवमानना होगी।

क्यों प्रशांत भूषण चला केस ?

प्रशांत भूषण ने पिछले छह वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के कामकाज को लेकर दो ट्वीट किए थे। ट्वीट में भूषण ने आरोप लगाया गया था कि इतिहासकार लोकतंत्र के विनाश में मानने में योगदान देने के रूप में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका को चिह्नित करेंगे।

27 जून: पहला ट्वीट

 “जब भविष्य में इतिहासकार पिछले छह वर्षों को देखेंते तो वह पाएंगे कि औपचारिक आपातकाल के बिना भी भारत में लोकतंत्र कैसे नष्ट हो गया है। विशेष रूप से इस विनाश में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका को चिह्नित करेंगे। इससे भी विशेष रूप से पिछले चार मुख्य न्यायाधिशों की भूमिका को भी चिह्नित करेंगे।”

29 जून: दूसरा ट्वीट

प्रशांत भूषण ने अपने दूसरे ट्वीट में आरोप लगाया, ”सीजेआई ने बिना मास्क या हेलमेट पहने नागपुर में एक भाजपा नेता की 50 लाख रुपये की मोटर साइकिल की सवारी की। उन्होंने ऐसे समय में यह सवारी की जब वह सुप्रीम कोर्ट को लॉकडाउन मोड पर रखते हैं और नागरिकों को न्याय पाने के उसे उनके मौलिक अधिकार से वंचित करते हैं।” 

Jharkhand LIVE Staff

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