लातेहार जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए जंगल सफारी की शुरुआत की गई है। पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया। पलामू टाइगर रिजर्व और पर्यटन विभाग के संयुक्त संचालन में शुरू हुई इस सफारी को नेतरहाट पर्यटन को और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
उद्घाटन के बाद मंत्री, विधायक और वन विभाग की टीम ने खुद सफारी का अनुभव लेते हुए इसकी उपयोगिता और रोमांच को महसूस किया।
नेतरहाट झारखंड का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल माना जाता है, जो समुद्र तल से लगभग 3700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, अथाह हरियाली, पहाड़ी दृश्य और शांत वातावरण के कारण यह झारखंड के साथ-साथ बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से आने वाले पर्यटकों का पसंदीदा स्थान रहा है। सरकार लंबे समय से इस क्षेत्र के पर्यटन विकास पर काम कर रही है, और जंगल सफारी इसकी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पहले चरण में तीन ओपन सफारी गाड़ियाँ उपलब्ध कराई गई हैं। सफारी के माध्यम से पर्यटक लगभग 40 किलोमीटर लंबे जंगल रूट पर जाएंगे, जिसमें कई ऐसे प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच मिलेगी जहाँ सामान्यतः पर्यटक नहीं पहुंच पाते। सफारी रूट में अपर घघरी झरना, लोअर घघरी झरना तथा कई घने वन क्षेत्र शामिल हैं जो नेतरहाट की खूबसूरती का अनोखा और वास्तविक अनुभव कराते हैं। तीन घंटे की इस यात्रा के दौरान पर्यटक पहाड़ों, झरनों, वन्य वातावरण और प्राकृतिक नजारों को बेहद करीब से देख और महसूस कर सकेंगे।
स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य नेतरहाट को राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाना है। जंगल सफारी इस दिशा में एक ऐसा कदम है, जिससे यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन मंत्री ने जोर देकर कहा कि जंगल सफारी से पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा और नेतरहाट को नई पहचान के साथ पर्यटन नक्शे पर मजबूती मिलेगी।
नेतरहाट पहले से ही सनसेट प्वाइंट, कोयल व्यू, नाशपाती बागान, नेतरहाट आवासीय विद्यालय, शैले हाउस और नेतरहाट डैम जैसे कई प्रसिद्ध स्थलों के लिए जाना जाता है। जंगल सफारी के शुरू होने से पर्यटकों के पास अब एडवेंचर और प्रकृति का एक और शानदार विकल्प उपलब्ध हो गया है।

